PCOD कैसे ठीक करें?HealthPlanet

Posted on Tue 29th Nov 2022 : 15:08

पीसीओडी का कोई इलाज नहीं है। उपचार पद्धति में जीवनशैली में बदलाव जैसे वजन कम करना और व्यायाम को शामिल किया जा सकता है। मेटफोर्मिन और एंटी-एण्ड्रोजन भी मदद कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त स्थायी रूप से मुँहासे व अनचाहे बाल हटाने का उपचार लिया जा सकता है।

पीसीओडी का उपचार

पीसीओडी के लिए प्राथमिक उपचार में दवाओं के साथ जीवनशैली में बदलाव शामिल हैं। उपचार विधियों को चार श्रेणियों में माना जा सकता है –

1. इंसुलिन रेजिस्टेंस लेवल को कम करना
2. प्रजनन क्षमता को बढ़ाना
3. अनचाहे बालों के विकास को कम करना और मुँहासे के उपचार का प्रबंध करना
4. मासिक धर्म को पुनः नियमित करना और एंडोमेट्रियल हाइपरप्लासिया और एंडोमेट्रियल कैंसर से भी बचाव।

वजन कम करने में या इंसुलिन रेजिस्टेंस कम करने में सामान्य उपाय काफी सहायक हो सकते हंै क्योंकि ये मुख्य कारण माने जाते हैं। इन्दिरा आईवीएफ की निःसंतानता एवं आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. शिल्पा गुलाटी बताती हैं चूंकि पीसीओडी मनोवैज्ञानिक तनाव का परिणाम है, इसलिए निम्नलिखित उपचार अपनाए जा सकते हैं।

पीसीओडी में आहार

जब पीसीओडी को मोटापे या अधिक वजन से जोड़ा जाता है, तो वजन कम करने को प्रभावी प्राकृतिक ओव्यूलेशन /मासिक धर्म के नियमित करने की कुशल विधि के रूप में माना जाता है, लेकिन ज्यादातर महिलाओं को लगता है वजन कम करना और ओव्युलेशन को सामान्य करना काफी चुनौतीपूर्ण है। 2013 में हुए एक क्लीनिकल मूल्यांकन के अनुसार शरीर के वजन के साथ-साथ शरीर की संरचना,, नियमित मासिक धर्म, ओव्यूलेशन, हाइपरपरथायरॉइडिज्म, इंसुलिन रेजिस्टेंस, लिपिड, साथ ही वजन कम करने के लिए क्वालिटी लाइफ आवश्यक है। इन्दिरा आईवीएफ के फर्टिलिटी विशेषज्ञ डॉ. मुकेश बताते हैं कि कम जीआई आहार योजना, जिसमें समग्र कार्ब्स का एक बड़ा हिस्सा ताजे फल, सब्जियों, साथ ही साबूत अनाजों से प्राप्त किया जाता है, यह माहवारी की नियमितता के लिए एक मैक्रोन्यूट्रिएंट-मैच्योर स्वास्थ्यवर्धक आहार की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण है।

विटामिन डी की कमी मेटाबोलिक डिसओर्डर की वृद्धि और विकास में कुछ भूमिका निभा सकती है। फिर भी 2015 के एक मूल्यांकन में इसका कोई प्रमाण नहीं मिला है। इन्दिरा आईवीएफ की वरिष्ठ इनफर्टिलिटी एवं आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. तरूणा झम्ब बताती हैं कि 2012 में विश्लेषण में पाया गया कि पीसीओडी वाली महिलाओं में मोटाबोलिक अपर्याप्तताओं को ठीक करने के लिए पोषण संबंधी सप्लीमेंट का उपयोग करना लाभदायक है।

दवाइयाँ

पीसीओडी के लिए दवाएं ओरल गर्भ निरोधकों के साथ-साथ मेटफॉर्मिन के रूप में भी मिलती हैं। ओरल गर्भ निरोधकों से ग्लोब्युलिन जनरेशन को सीमित करने वाले सेक्स हार्मोन में सुधार होता है, जो टेस्टोस्टेरोन के बंधन को कम करता है व उच्च टेस्टोस्टेरोन द्वारा प्रेरित हिर्सुटिज्म (अनचाहे बालों) को कम करता है और नियमित मासिक धर्म को भी नियंत्रित करता है। मेटफोर्मिन एक दवा है जो टाइप 2 मधुमेह में इंसुलिन के रेजिस्टेंस को कम करने के लिए व्यापक रूप से उपयोग की जाती है। पीसीओडी में पाए जाने वाले इंसुलिन के स्तर को ठीक करने के लिए इसका इस्तेमाल (यूनाइटेड किंगडम, यूएस, एयू के साथ-साथ ईयू) में किया जाता है। कई अवसरों पर मेटफोर्मिन डिम्बग्रंथि कार्यक्षमता को भी सुविधाजनक बनाता है और फिर नियमित ओव्यूलेशन वापस आता है। स्पिरोनोलैक्टोन का उपयोग उनके एंटीड्रोजेनिक परिणामों के लिए किया जा सकता है, साथ ही त्वचा के लिए एफ्लॉर्निथिन क्रीम का उपयोग चेहरे के अनचाहे बालों को कम करने के लिए किया जा सकता है। दवा श्रेणी में एक आधुनिक इंसुलिन रेजिस्टेंस, थियाजोलिडेनिओनेस (ग्लिटाजोन) ने मेटफॉर्मिन के बराबर प्रभाव प्रदर्शित किया है। हालांकि मेटफॉर्मिन एक अधिक लाभकारी प्रभाव प्रदान करता है। द यूकेज एनआईएच और क्लिनिकल एक्सीलेंस ने 2004 में सुझाव दिया कि पच्चीस से ऊपर के बॉडी मास इंडेक्स के साथ पीसीओडी वाली महिलाओं को जिन्हें अन्य उपचारों में सफलता नहीं मिली उन्हें मेटफोर्मिन प्रदान किया जाता है। इस बात पर कुछ असहमति हो सकती है कि इसका उपयोग एक आवश्यक फस्र्ट-लाइन थेरेपी की तरह किया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त, मेटफॉर्मिन कई अनचाहे प्रभावों से जुड़ा हुआ है जैसे कि पेट दर्द, मेटालिक फ्लेवर इन ओरल केविटी, उल्टी और दस्त। इन्दिरा आईवीएफ की निःसंतानता एवं आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. आकांक्षा जांगिड बताती हैं कि मेटाबोलिक डिसआर्डर के उपचार में स्टैटिन के उपयोग से अस्पष्टता की स्थिति रहती है।

पीसीओडी के साथ गर्भवती होना कठिन हो सकता है क्योंकि यह असामान्य ओव्यूलेशन का कारण होता है । यदि आप संतान पैदा करने की कोशिश करती हैं तो प्रजनन क्षमता को बढ़ावा देने वाली दवाएं ओवुलेशन इंडोस्टर क्लोमीफीन या लेट्रोजोल भी इसमें शामिल हो सकती हैं। जब भी मेटफार्मिन को क्लोमीफीन के सहयोग से लिया जाता है प्रजनन क्षमता बढ़ सकती है। मेटफोर्मिन को गर्भावस्था की अवधि (संयुक्त राज्य अमेरिका में गर्भावस्था वर्ग बी) में उपयोग करने के लिए व्यापक रूप से सुरक्षित माना जाता है। इन्दिरा आईवीफ की निःसंतानता एवं आईवीएफ एक्सपर्ट डॉ.. शिल्पा गुलाटी का कहना है कि 2014 में एक मूल्यांकन में दावा किया गया था कि मेटफॉर्मिन के प्रयोग से ठीक होने वाली महिलाओं में पहली तिमाही में जन्मजात विकलांगता का खतरा नहीं होता है।

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